Matric Exam Class 10th (इतिहास) बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा महत्पूर्ण प्रश्न उत्तर तैयारी के लिए।

Matric Exam Class 10th (इतिहास) बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा महत्पूर्ण प्रश्न उत्तर तैयारी के लिए।

1. दांडी यात्रा का क्या उद्देश्य था?

उत्तर. नमक का व्यवहार और उत्पादन पर सरकारी नियंत्रण था गांधीजी इस अन्याय मानते थे एवं इसे समाप्त करना चाहते थे नमक का नाम कानून भंग करने के लिए 12 मार्च 1930 को गांधी जी आपने 78 सहयोगियों के साथ दांडी यात्रा निकाला नमक यात्रा पर निकाल निकालते हैं वह 6 अप्रैल 1930 को दिल्ली पहुंचे वहां पहुंच कर उन्होंने समुद्र के पानी से नमक बनाकर नमक कानून भंग किया इसी के साथ नमक सत्याग्रह आंदोलन हुआ और शीघ्र ही पूरे देश में फैल गया।

2. लॉर्ड लिटन ने राष्ट्रीय आंदोलन के गतिमान बनाया! कैसे?

उत्तर. देसी भाषाओं को समाचार पत्र को नियंत्रण में लाने के लिए लॉर्ड लिटन ने 18 सो 78 ईस्वी में प्रेस एक्ट पारित किया देसी समाचार पत्र खुलकर ओपनिबेषेक शासन के शोषणकारी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रवादी भावना को उत्पन्न कर रहे थे इसी को ध्यान में रखकर लीटर देसी भाषा समाचार पत्र अधिनियम के माध्यम से समाचार पत्र पर अधिक प्रतिबंध लगाया था इसे नियंत्रण में लाने का प्रयास किया था लॉर्ड लिटन ने वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट राष्ट्रीयता की भावना एवं जन संतोष में उबाल लाने के कार्य किया है साथ ही साथ राष्ट्रीय आंदोलन को भी गतिमान बनाया।

3. प्रथम विश्व युद्ध के भारत पर हुए प्रभावों का वर्णन करें?

उत्तर. प्रथम विश्व युद्ध का भारत का गहरा प्रभाव पड़ा था विश्व युद्ध का आर्थिक और राजनीतिक परिवारों के राष्ट्रीय आंदोलन के प्रभावित हुआ ब्रिटेन के भारतीय नेताओं की सहमति लिए बिना भारत की युद्ध में घसीट लिया था कांग्रेस उदार वादियों और भारतीय रजवाड़ों ने इस उम्मीद से अंग्रेजी सरकार का समर्थन दिया कि युद्ध के बाद उन्हें शिवराज की प्राप्ति होगी परंतु ऐसा नहीं हुआ प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय अर्थव्यवस्था को व्यवस्थित कर दिया जिससे जनता स्थिति काफी बेहतर हो गई विश्व युद्ध का प्रभाव राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ा विश्व युद्ध के दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों काफी बढ़ गया तथा राष्ट्र को बल मिला।

4. भारत में राष्ट्रवाद के उदय के सामाजिक कारणों पर प्रकाश डालें?

उत्तर. भारतीय राष्ट्रवाद के उदय के सामाजिक कारनो में प्रमुख था।

अंग्रेजों की प्रजातीय विभेद की नीति अंग्रेज अपने को श्रेष्ठ तथा भारतीय को उपेक्षा तथा है की दृष्टि से देखते थे भारतीय पर अनेक प्रतिभाएं जैसे रेलगाड़ी कला व होटलों में वह सफर या प्रवेश नहीं कर सकते थे जिसमें अंग्रेज हो सरकारी सेवाओं में अंग्रेजी की पक्षपात पूर्ण नीति ने भी राष्ट्रवाद की भावना को प्रेरित किया सरकारी नागरिक सेवा में भारतीय का प्रवेश काफी मुश्किल था बहुत बार परीक्षा में सफल होने के बाद भी उन्हें उन्हें तो नियुक्ति नहीं किया जाता था या कारण नौकरी को हटा दिया जाता था सुरेंद्रनाथ बनर्जी के साथ भी ऐसा ही किया गया इसलिए भारतीय शिक्षित मध्यमवर्ग से राष्ट्रवाद के विकास विवाद पूर्व भूमिका निभाई।

5. औद्योगिकरण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर. औद्योगिकरण अथवा उद्योगों की बहुत रूप में अस्थापना उस चौधरी की क्रांति की देन है जिसमें वस्तुओं का उत्पादन मानव श्रम द्वारा ना होकर मशीनों के द्वारा होता है इसमें उत्पादन बहुत पैमाने पर होता है जिसकी खपत के लिए बड़े बाजार की आवश्यकता होती है किसी भी देश का आधुनिक करण का एक प्रेरक तत्व उसका औद्योगिकरण होता है अतः औद्योगिकरण करण एक ऐसा प्रक्रिया है जिसमें उत्पादन में मशीनों के द्वारा कर खानों में होता है इस प्रक्रिया में हम घरेलू उत्पादन का स्थान कर कारखाना में करते हैं।

7. यूनानी स्वतंत्रता आंदोलन का संक्षिप्त विवरण दें?

उत्तर. यूनान का अपना गौरव में अतीत रहा है यूनानी सभ्यता के साहित्य के प्रगति विचार दर्शन कला चिकित्सा विज्ञान आदि क्षेत्र की यूनानी यों के लिए प्रेरणा स्रोत थे परंतु इसके बावजूद भी यूनान तुर्की समाज के अधीन था फ्रांसीसी क्रांति के यूनानी यान ने भी राष्ट्रीयता का भावना की लहर जागी तुर्की शासन में स्वयं को अलग करने के लिए आंदोलन चलाए जाने लगे इसके लिए इन्होंने ही तेरियाकी लाइक नमक संस्था का स्थापना और डोसा नमक स्थान पर किया इसका उद्देश्य की शासन को यूनान से निष्कासित कर कर उसे स्वतंत्र बनाना चाहता था क्रांति के लिए यूनान में शक्तिशाली माध्यम वर्ग का भी उदय हो चुका था।

• परिनाम > यूनानी यों ने लंबे और कठिन संघर्ष के बाद अंशुमन साम्राज्य के अत्याचारी शासन से मुक्ति पाई यूनान के सदन और संपूर्ण राष्ट्र का उदय हुआ यदि गणतंत्र की स्थापना नहीं हो सकी परंतु एक स्वतंत्र राष्ट्र के उदय ने मीटर निक्की प्रतिक्रियावादी नीति को गहरी।

8. जालियावाला हत्याकांड क्यों हुआ इसमें राष्ट्रीय आंदोलन को कैसे बढ़ावा दिया।

उत्तर. भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार ने 1919 में रो-रो लेट कानून क्रांतिकारी एवं राज करता अधिनियम बनाया इस कानून के अनुसार सरकार किसी को भी संदेश के आधार पर गिरफ्तार कर बिना मुकदमा चलाए उसको दंडित कर सकती थी तथा इसके खिलाफ कोई अपील भी नहीं की जा सकती थी जालियांवाला बाग की घटना ने पूरे भारत को आक्रोशित कर दिया जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और हड़ताल हुए गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इस घटना के विरोध में अपना सर का खिताब वापस लौटाने की घोषणा की वायसराय की कार्यकारिणी सदस्य संकरण नायर ने इस्तीफा दे दिया गांधी जी ने केसर ए हिंद की उपाधि त्याग दी। जालियांवाला बाग हत्याकांड में राष्ट्रीय आंदोलन में एक नई जान फुक दी।

1.प्रकाश के परावर्तन के नियमों को लिखे और इसे किरण आरेख से दर्शाए।

उत्तर. जब किसी चिकने सतह पर प्रकाश की किरणों पड़ती है तो यह परिवर्तन हो जाती है इस घटना को प्रकाश का प्रवर्तन भी कहा जाता है।

प्रकाश के परिवर्तन के दो नियम हैं।

1. आपतित किरण परवर्ती किरण तथा आपतित बिंदु से परावर्तक तक सतह पर खींचे गए अभिलंब तीनों एक तल में होता है।

2. आपतन कोण परावर्तन कोण के बराबर होता है।

3. प्रतिरोध किसे कहते हैं प्रतिरोध का SI मात्रक लिखिए किसी चालक का प्रतिरोध किन किन कारणों पर निर्भर करता है?

उत्तर – विद्युत परिपथ में धारा काम करने के गुण को प्रतिरोध कहा जाता है या गुण तार के अंदर और सेल के अंदर भी होता है किसी तार में प्रतिरोध के गुण के कारण से प्रतिरोध कहा जाता है।

किसी प्रतिरोधक का प्रतिरोध निम्नलिखित बातों पर निर्भर करता है।

• तार की लंबाई

•  तार का अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल

• तार के पदार्थ की प्रकृति से इस पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध कहा जाता है पृष्ठ प्रतिरोध को सामान्य चिन्ह (p) से सूचित किया जाता है।

R=p×l/A जहां p प्रतिरोधकता है।

• प्रतिरोध का SI मात्रक ओम है तथा प्रतिरोधकता का SI मात्रक कौन मीटर है।

3. पैरिस्कोप किसे कहते हैं इसके क्या उपयोग हैं।

उत्तर ⇒ पैरिस्कोप एक यंत्र है जिसके द्वारा हम अपने में छिपी हुई वस्तुओं को देख सकते हैं। सैनिक खाइयों में छिपकर मैदानों- पहाड़ों को देख सकते हैं और पनडुब्बियों में बैठे सैनिकों, समुद्र तल का पर्यवेक्षण कर सकते हैं। किसी धुंध वाले दिन अवरक्त फोटोग्राफी भी इसकी सहायता से की जा सकती है। पैरिस्कोप समतल दर्पणों की सहायता से बनाए जा सकते हैं जो प्रकाश के परावर्तन-सिद्धांत पर कार्य करते हैं। उच्च कोटि के पैरिस्कोप में प्रिज्मों का प्रयोग किया जाता है।

4. समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर ⇒ समतल दर्पण के सामने जितनी दूरी पर कोई वस्तु हो उसका बिंब उतना ही पीछे बनता है। समतल दर्पण में किसी वस्तु के पूरे बिंब को देखने के लिए दर्पण का आकार में उससे आधा होना आवश्यक होता है।

5. अवतल दर्पणों के उपयोग लिखिए।

उत्तर ⇒ अवतल दर्पण के निम्न उपयोग हैं।

(i) बड़े आकार के अवतल दर्पणों का प्रयोग और ऊर्जा के लिए किया जाता है।

(ii) इनका प्रयोग वाहनों की हैडलाइट्स, लैपों, सर्चलाइट, टार्च आदि बनाने में किया जाता है।

(iii) शेविंग दर्पणों को बनाने में इनका प्रयोग किया जाता है।

(iv) दंत चिकित्सक तथा विशेषज्ञ रोगी का परीक्षण करने के लिए इनका प्रयोग करते हैं।

6. विभव और विभवांतर पदों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर ⇒ प्रत्येक आवेश अपने चारों ओर प्रभाव क्षेत्र बनाता है। आवेश के नजदीक वाले क्षेत्र में प्रभाव अधिक और दूर वाले क्षेत्र में प्रभाव कम होता है। आवेश की इसी प्रभाव को मापने के लिए विभव शब्द का प्रयोग किया गया है।

किसी आवेश के कारण दूर के बिन्दु पर विभव शून्य और समीप के बिन्दु पर विभव अधिक होता है। माना कि कोई आवेश Q से कुछ दूरी पर एक बिन्दु P पर कोई इकाई आवेश है। अब इस इकाई आवेश को अनंत से P बिन्दु तक लाया जा रहा है। इकाई आवेश को अनंत से P बिन्दु तक लाने में आवेश Q से इस इकाई आवेश पर बल लगता रहता है। इकाई आवेश को अनंत से P बिन्दु तक लाने में इस विद्युत बल के विरुद्ध कुछ कार्य करना पड़ता है। इसी कार्य को P बिन्दु का विभव कहा जाता है।

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